आपने कभी किसी को यह कहते सुना है, “सेहत ही दौलत है”?
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमें इसी महत्वपूर्ण बात की याद दिला रहे हैं।
वो एक बड़ी समस्या की तरफ ध्यान दिला रहे हैं: मोटापा।
और वो चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हम अभी से नहीं संभले, तो भारत के लिए यह बहुत बुरा हो सकता है।
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क्या है मोटापे की समस्या?
सोचिए, साल 2050 तक भारत में लगभग 44 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। यह बहुत बड़ी संख्या है! [News]
मोटापे का मतलब है
शरीर में बहुत ज़्यादा चर्बी होना,
और इससे दिल की बीमारी, डायबिटीज़,
और जोड़ों के दर्द जैसी कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
मोदी जी क्यों इस बारे में बात कर रहे हैं?
मोदी जी ने हाल ही में कुछ चिंताजनक बातें बताई हैं:
2050 तक, हर तीन भारतीयों में से एक मोटा हो सकता है।
इससे हमारे स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत दबाव पड़ेगा।
यह हमारी सेहत के लिए भी बहुत बुरा है।
वो हमसे अपनी जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव लाने के लिए कह रहे हैं
ताकि हम इस समस्या से बच सकें।
मुख्य कारण: खाने का तेल
मोदी जी ने खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने की बात कही है।
वो चाहते हैं कि हम तेल का सेवन कम से कम 10% तक कम कर दें। ऐसा क्यों?
खाने में बहुत ज़्यादा तेल वजन बढ़ा सकता है।
हमारे पसंदीदा तले हुए खानों में बहुत तेल होता है।
Must Read: खान-पान और मानसिक सेहत: एक खुशहाल दिमाग के लिए सही आहार
खाने के तेल के बारे में और जानें
कितना तेल सही है, कौन सा तेल बेहतर है, और तेल का सेवन कम करने के तरीके
कितना तेल सही है?
कितना खाना चाहिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि
आप अपनी रोज़ की कैलोरी का 20-35% तक ही फैट खाएं। चूँकि तेल में फैट बहुत ज़्यादा होता है,
इसलिए संतुलन बहुत ज़रूरी है।
नापकर इस्तेमाल करें: तेल को बिना नापे डालने के बजाय, उसे चम्मच या कटोरी से नापकर डालें।
पोर्शन कंट्रोल: खाने की मात्रा पर ध्यान दें। तेल वाले खाने का थोड़ा सा हिस्सा खाना, ज़्यादा खाने से बेहतर है।
कौन सा तेल बेहतर है?
सभी तेल एक जैसे नहीं होते। कुछ तेल दूसरों से ज़्यादा सेहतमंद होते हैं:
मोनोअनसैचुरेटेड फैट
ये दिल के लिए अच्छे माने जाते हैं।
उदाहरण: ऑलिव ऑइल, कैनोला ऑइल, और मूंगफली का तेल।
ये “बुरे” कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं।
पॉलीअनसैचुरेटेड फैट
ये भी दिल के लिए अच्छे होते हैं।
उदाहरण: सूरजमुखी का तेल, सोयाबीन का तेल, और मक्का का तेल।
इनमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे ज़रूरी फैटी एसिड होते हैं।
सैचुरेटेड फैट
इनका सेवन कम करना चाहिए।
उदाहरण: नारियल का तेल, ताड़ का तेल, और घी।
ये “बुरे” कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकते हैं।
ट्रांस फैट
ये सबसे खराब होते हैं। इनसे पूरी तरह बचें।
ये अक्सर प्रोसेस्ड फ़ूड और तले हुए फ़ास्ट फ़ूड में पाए जाते हैं।
ये दिल की बीमारी का खतरा बहुत बढ़ा देते हैं।
सरसों का तेल
सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जिनमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड शामिल हैं।
इसमें एलिल आइसोथियोसाइनेट नामक एक यौगिक भी होता है, जो इसे तीखा स्वाद और संभावित स्वास्थ्य लाभ देता है।
सरसों का तेल विश्वसनीय स्रोतों से खरीदना बहुत ज़रूरी है जो खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं।
किसी भी अन्य तेल की तरह, सरसों के तेल का भी कम मात्रा में उपयोग करना सबसे अच्छा है।
तेल का सेवन कम करने के आसान तरीके
यहाँ कुछ आसान तरीके दिए गए हैं:
खाना बनाने के तरीके:
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- भाप में पकाना: यह एक बहुत ही सेहतमंद, बिना तेल वाला तरीका है।
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- बेक करना और ग्रिल करना: तलने के बजाय इनका इस्तेमाल करें।
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- एयर फ्राइंग: इसमें तलने से बहुत कम तेल लगता है।
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- पानी या शोरबा में पकाना: तेल के बजाय, थोड़े से पानी या वेजिटेबल शोरबा का इस्तेमाल करें।
तेल नापकर डालें:
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- तेल की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए चम्मच या नापने वाले कप का इस्तेमाल करें।
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- तेल डालने के बजाय स्प्रे करें।
कम चिकनाई वाला मांस चुनें:
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- मांस या मुर्गे के कम चिकनाई वाले टुकड़े चुनें।
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- पकाने से पहले दिखाई देने वाली चर्बी को हटा दें।
लेबल पढ़ें:
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- खाने के पैकेट पर लिखे फैट की मात्रा पर ध्यान दें।
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- ज़्यादा सैचुरेटेड और ट्रांस फैट वाले खाने से बचें।
घर का बना खाना बनाम बाहर का खाना:
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- घर पर खाना बनाने से आप तेल की मात्रा को नियंत्रित कर सकते हैं।
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- बाहर के तले हुए खाने को कम खाएं।
तेल निकालने के तरीके:
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- अगर आपको खाना तलना ही है, तो पकाने के बाद अतिरिक्त तेल को सोखने के लिए पेपर टॉवल का इस्तेमाल करें।
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- तले हुए खाने को निथारने के लिए वायर रैक का इस्तेमाल करें।
स्वाद बढ़ाएं:
ज़्यादा तेल की ज़रूरत को कम करने के लिए, स्वाद बढ़ाने के लिए मसालों, जड़ी-बूटियों, नींबू के रस, या सिरके का इस्तेमाल करें।
तेल बदल-बदल कर इस्तेमाल करें:
अलग-अलग तरह के तेलों का इस्तेमाल करें ताकि आपको कई तरह के सेहतमंद फैट मिल सकें।
याद रखने वाली बात
ज़रूरी नहीं है कि आप तेल खाना ही बंद कर दें, बल्कि आपको सही जानकारी के साथ चुनाव करना चाहिए
और तेल का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
इन आसान तरीकों को अपनाकर, आप तेल का सेवन काफी कम कर सकते हैं और एक सेहतमंद जीवन जी सकते हैं।
हम क्या कर सकते हैं?
मोदी जी सिर्फ़ समस्या बताने के साथ-साथ समाधान भी बता रहे हैं:
- तेल कम खाएं
- नियमित व्यायाम करें: थोड़ी देर टहलना या घर पर कुछ आसान व्यायाम करने से भी बहुत फर्क पड़ सकता है। साइकिल चलाने की कोशिश करें!
- सेहतमंद खाना खाएं: ज़्यादा फल और सब्ज़ियाँ खाएं।
- जागरूकता फैलाएं: अपने दोस्तों और परिवार को इस बारे में बताएं।
दुनिया भर में मोटापा और भारत की स्थिति
सिर्फ़ भारत ही नहीं, मोटापा पूरी दुनिया की समस्या है। हाल ही में हुईं कुछ स्टडीज़ के मुताबिक:
- 2050 तक, दुनिया भर के आधे से ज़्यादा वयस्क ज़्यादा वजन वाले या मोटे हो सकते हैं।
- भारत उन देशों में से एक है जहाँ मोटापा सबसे तेज़ी से बढ़ रहा है।
- 2050 तक, भारत में दुनिया की दूसरी सबसे ज़्यादा मोटे लोगों की आबादी होने का अनुमान है।
- भारत में पहले से ही ज़्यादा वजन वाले किशोरों की संख्या सबसे ज़्यादा है।
यह आपके लिए क्यों मायने रखता है
- सेहतमंद जीवन: छोटे-छोटे बदलाव करके, आप एक सेहतमंद और खुशहाल ज़िंदगी जी सकते हैं।
- कम मेडिकल खर्च: मोटापे से बचकर, आप आगे चलकर डॉक्टर के खर्चों से बच सकते हैं।
- मज़बूत भारत: स्वस्थ आबादी का मतलब है एक मज़बूत और ज़्यादा उत्पादक देश।
मशहूर हस्तियाँ भी इस मुहिम में शामिल
मोदी जी ने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा और मुक्केबाज़ निखत ज़रीन जैसी मशहूर खेल हस्तियों की भी मदद ली है। वो सभी को एक्टिव रहने और सेहतमंद खाना खाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
मोटापे को परिभाषित करने का नया तरीका
डॉक्टर अब मोटापे को परिभाषित करने के लिए और भी तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सिर्फ़ वजन के बारे में नहीं है; वो अब इन बातों पर भी ध्यान दे रहे हैं:
- कमर का साइज़
- मांसपेशियों का भार
- स्वास्थ्य के दूसरे संकेतक
इससे उन्हें किसी की सेहत का सही अंदाज़ा लगाने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
मोदी जी का संदेश साफ़ है: हमें अभी से कदम उठाने की ज़रूरत है।
अपने खानपान और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके, हम एक बड़े स्वास्थ्य संकट से बच सकते हैं
और सभी के लिए एक स्वस्थ भारत बना सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर अपना योगदान दें!
आइए, मिलकर कदम उठाएं!
- आज से ही तेल नापकर इस्तेमाल करना शुरू करें।
- कल से 15 मिनट टहलने की कोशिश करें।
- तले हुए स्नैक्स की जगह फल खाएं।
- अपने परिवार के साथ यह जानकारी शेयर करें।
- आइए, हम सब मिलकर एक स्वस्थ भारत बनाएं!