नेपाल के पूर्व युवराज पारस शाह को हाल ही में हार्ट अटैक होने के बाद एंजियोप्लास्टी कराई गई।
इस घटना ने नेपाल और पूरे क्षेत्र में दिल की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है,
और इसकी सेहत को बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
लोग अक्सर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझते हैं, लेकिन ये दोनों अलग-अलग घटनाएँ हैं।
चलिए, इनके अंतर को समझते हैं, इलाज के प्रक्रियाओं को जानते हैं, और अपने दिल को कैसे बचाएँ, ये देखते हैं।
पारस शाह की हालिया घटना ने हमें यह याद दिलाया है कि दिल की बीमारियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
आज हम हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच के अंतर को समझेंगे
और यह भी जानेंगे कि इनके इलाज के लिए कौन-कौन सी प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।
दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, और इसकी सेहत को बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
पारस शाह की हालिया घटना ने हमें यह याद दिलाया है कि दिल की बीमारियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
आज हम हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच के अंतर को समझेंगे
और यह भी जानेंगे कि इनके इलाज के लिए कौन-कौन सी प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।
Table of Contents
हार्ट अटैक: खून के दौरे की समस्या
हार्ट अटैक, जिसे मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन भी कहा जाता है,
तब होता है जब दिल के किसी हिस्से में खून का दौरा रुक जाता है।
यह रुकावट आमतौर पर खून के थक्के (क्लॉट) के कारण होती है।
जब दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो दिल की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।
लक्षण:
सीने में तेज दर्द या दबाव
सांस लेने में तकलीफ
बाएं हाथ, जबड़े, पीठ या पेट में दर्द
चक्कर आना या बेहोशी
कार्डियक अरेस्ट: बिजली की समस्या
कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी होती है,
जिससे दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है।
यह एक आपातकालीन स्थिति है और तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।
लक्षण:
अचानक बेहोशी
सांस न लेना
नाड़ी न चलना
Must Read:टूटा हुआ दिल: जब दर्द सिर्फ़ एहसास नहीं, बीमारी हो जाए (ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम)
एंजियोप्लास्टी और आईसीडी: इलाज की प्रक्रियाएं
पारस शाह की एंजियोप्लास्टी हुई, जो एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है।News of Nepal Prince
इसमें, एक पतली ट्यूब (कैथेटर) को अवरुद्ध धमनी में डाला जाता है और एक छोटे गुब्बारे को फुलाकर धमनी को खोला जाता है।
अक्सर, स्टेंट (एक छोटी धातु की जाली) को धमनी में रखा जाता है ताकि वह खुली रहे।
इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर-डिफाइब्रिलेटर (आईसीडी) एक छोटा उपकरण है जो दिल की धड़कन को मॉनिटर करता है।
यदि यह खतरनाक अनियमितता का पता लगाता है, तो यह दिल को सामान्य धड़कन में वापस लाने के लिए बिजली के झटके देता है।
पारस शाह का मेडिकल इतिहास: एक सबक
पारस शाह का मेडिकल इतिहास हमें बताता है कि दिल की सेहत का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है।
उनके बार-बार होने वाले हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट हमें यह सिखाते हैं कि
हमें अपने दिल की सेहत को गंभीरता से लेना चाहिए और नियमित जांच करवानी चाहिए।
बचाव के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली: संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, और धूम्रपान से बचें।
नियमित जांच: अपने डॉक्टर से नियमित रूप से जांच करवाएं।
तनाव प्रबंधन: तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।
लक्षणों की पहचान: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों को पहचानें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
सीपीआर और एईडी: सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर) का उपयोग करना सीखें।
निष्कर्ष
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट दोनों गंभीर चिकित्सा स्थितियां हैं,
लेकिन उनके कारण और इलाज अलग-अलग हैं।
हमें अपने दिल की सेहत का ध्यान रखना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
यदि आपको कोई भी दिल से संबंधित लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।