कल्पना करें: आप अपने बच्चे के पीछे भागते हुए टखने में मोच ले आए। या फिर लैपटॉप पर दिनभर झुकने से कमर चिल्ला रही है।

अब किचन में खड़े हैं, सोच रहे हैं, “फ्रीजर से आइस पैक लूं या अलमारी से हीटिंग पैड?”

ये सवाल तो हर घर में आता है—दर्द से राहत के लिए ठंडा लगाएं या गर्म?

दोनों ही दर्द के लिए कारगर हैं, लेकिन गलत चुन लिया तो दर्द और बढ़ सकता है।

तो चलिए, इसे आसान करते हैं: आइस पैक कब काम करता है, हीटिंग पैड कब जीतता है, और ये रोज़मर्रा की चोटों, मांसपेशियों के दर्द या पुराने कमरदर्द में कैसे मदद करते हैं?

तैयार रहें, ये आसान और मज़ेदार है! अगर आपको वर्कआउट के बाद दर्द से निपटने के और तरीके चाहिए, तो हमारा ब्लॉग ज़रूर पढ़ें।

आइस पैक बनाम हीटिंग पैड

आइस पैक का ठंडा जादू

आइस पैक आपके शरीर का “कूल डाउन” बटन है।

मान लीजिए, आपने घुटना टेबल से ठोक लिया या जिम में ज़्यादा जोश दिखा दिया—शरीर फूल जाता है, लाल हो जाता है, जैसे टमाटर बन जाए।

ठंडा लगाने से क्या होता है? खून की नसें सिकुड़ती हैं, सूजन कम होती है, और दर्द सुन्न हो जाता है—वो “आह” वाला दर्द थोड़ा “ओह” में बदल जाता है।

 नई चोट के लिए बेस्ट

टखना मुड़ा या कोहनी लगी? फटाफट आइस पैक लगाएं

पहले 48 घंटों में ठंडा लगाने से सूजन और जलन कम होती है—जैसे आग को फैलने से पहले बुझा देना।

ये टिप अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स (AAOS) भी देती है।

वर्कआउट के बाद मांसपेशियों का दर्द

जिम में लेग डे पर ज़्यादा मेहनत की? आइस पैक उस जलन को शांत कर देगा, खासकर जब मांसपेशियों में छोटे-छोटे टूट-फूट हों।

 कब न लगाएं

पुराना दर्द या अकड़न में आइस पैक से बचें, वरना मांसपेशियां और सख्त हो सकती हैं। ये गलती मत करें!

कैसे लगाएं

आइस पैक को तौलिये में लपेट लें (जमने न दें!) और 15-20 मिनट तक लगाएं। ज़्यादा देर मत करें, वरना हाथ-पैर सुन्न होकर नाराज़ हो जाएंगे।

सूजन ज़िद्दी हो तो हर कुछ घंटे में दोहराएं।Reference

 

हीटिंग पैड की गर्म राहत

अब बात गर्मी की। हीटिंग पैड आपकी मांसपेशियों को गले लगाने जैसा है—खून का दौरा बढ़ाता है, अकड़े हुए हिस्सों को ढीला करता है, और तनाव को पिघला देता है।

अगर आइस पैक “फायरफाइटर” है, तो हीटिंग पैड “मालिश वाला” है, जो जकड़न को दूर भगाता है।

पुराने दर्द जैसे कमरदर्द के लिए बेस्ट

हफ्तों से कमर का दर्द परेशान कर रहा है, सोफे पर बैठने की वजह से?

हीटिंग पैड लगाएं। ये मांसपेशियों को आराम देता है और जोड़ों को चिकनाई देता है—चलना आसान हो जाता है।

स्टडी भी कहती हैं, पुराने दर्द में गर्मी बढ़िया काम करती है। (संदर्भ 2: इस सेक्शन के अंत में।)

अकड़ी हुई मांसपेशियों के लिए

कल बागवानी की और आज रोबोट जैसे लग रहे हैं? गर्मी उस जकड़न को ढीला कर देगी, बशर्ते सूजन न हो। दर्द के और घरेलू नुस्खे जानने के लिए पढ़ें।

कब न लगाएं

नई चोट पर गर्मी से बचें।

मोच पर हीटिंग पैड लगाना ऐसा है जैसे आग में घी डालना—सूजन और दर्द दोनों बढ़ जाएंगे।

कैसे लगाएं

हीटिंग पैड को हल्का-मध्यम गर्म करें (ज़्यादा गरम न करें, वरना स्किन जल जाएगी) और 20-30 मिनट तक लगाएं।

इलेक्ट्रिक हो तो पतला कपड़ा बीच में रखें। टिप: गर्म पानी से नहाना भी काम करता है।

Also Read:गर्मी में हीटस्ट्रोक और थकान: धूप तुम्हें बेहोश न कर दे!

आम हालात: आइस पैक या हीटिंग पैड कौन सा चुनें

अभी भी कन्फ्यूज़ हैं? चलिए रोज़ के कुछ सीन देखते हैं:

 एक घंटे पहले टखना मुड़ा

फट से आइस पैक! नया है, सूजन है, ठंडा इसे काबू करेगा।

हफ्तों से कमर दुख रही है

हीटिंग पैड लें। पुरानी अकड़न को गर्मी पसंद है।

जिम के बाद मांसपेशियां दुख रही हैं

अगर गर्म और सूजी हुई हैं, तो आइस। अगले दिन सिर्फ अकड़न हो, तो हीट

 अचानक सिरदर्द

ट्रिक सवाल—दोनों यहाँ फुलप्रूफ नहीं, पर गर्दन पर गर्मी से तनाव कम हो सकता है।

 

दोनों साथ में?

हां, ऐसे करें

कभी-कभी ये “आइस पैक बनाम हीटिंग पैड” नहीं, बल्कि “साथ में” होता है।

पुरानी चोट या मांसपेशियों के दर्द में कॉन्ट्रास्ट थेरेपी आज़माएं: 20 मिनट आइस, फिर 20 मिनट हीट, एक घंटे तक बारी-बारी।

ये आपके शरीर को स्पा जैसा फील देता है—गंदगी बाहर निकालता है और रिकवरी तेज़ करता है।

खिलाड़ी इसे पसंद करते हैं, और आपको कोच की ज़रूरत नहीं।Reference

 

आम आदमी के लिए आसान निचोड

सीधा फंडा: नई चोट, सूजन, या “अभी हुआ” दर्द में आइस पैक आपका दोस्त है।

पुराना कमरदर्द, अकड़न, या लंबे समय का दर्द हो तो हीटिंग पैड लें। दोनों घर में रखें, क्योंकि ज़िंदगी का कोई भरोसा नहीं।

समझ न आए तो 15 मिनट एक ट्राय करें—अगर बुरा लगे, दूसरा आज़माएं। आपका शरीर बता देगा।

अगली बार दर्द हो, आप कन्फ्यूज़ नहीं होंगे।

ठंडा या गर्म? अब आप मास्टर हैं! और अगर आपको दर्द से जुड़े और टिप्स चाहिए, तो ज़रूर देखें।