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आखिर क्या है हेपेटाइटिस ए और यह कैसे फैलता है? (What is Hepatitis A and How Does it Spread?)
कैथल के सजुमा गाँव में फैले इस प्रकोप का मुख्य कारण दूषित पानी या दूषित भोजन माना जा रहा है।
हेपेटाइटिस ए एक बेहद संक्रामक (infectious) वायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आए पानी या खाने के ज़रिए दूसरे लोगों में फैलता है।
अक्सर गांवों या कस्बों में जब पीने के पानी की पाइपलाइन और सीवरेज की लाइन आपस में मिल जाती हैं
या पानी के स्रोत (कुएं, तालाब या अनफ़िल्टर्ड सप्लाई) दूषित हो जाते हैं, तो यह वायरस तेज़ी से महामारी का रूप ले लेता है।

क्या आप जानते हैं? (Did You Know?)
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) और हेपेटाइटिस बी या सी (Hepatitis B & C) में बहुत बड़ा अंतर है।
हेपेटाइटिस ए गंदे पानी और खाने से फैलता है और यह कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाता है।
जबकि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित खून, सूइयों या असुरक्षित संबंधों से फैलते हैं
और लिवर को लंबे समय तक नुकसान पहुँचा सकते हैं।
भारत सरकार के ‘नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम’ (NVHCP) के तहत
सभी सरकारी अस्पतालों में हेपेटाइटिस की जांच और मैनेजमेंट की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
हेपेटाइटिस ए के लक्षण और उनके पीछे का असली कारण
(Hepatitis A Symptoms and the Real Reason Why They Happen)
जब हेपेटाइटिस ए का वायरस आपके शरीर में जाता है,
तो यह सीधा आपके लिवर की कोशिकाओं पर हमला करता है।
इसके बाद लिवर में सूजन आने लगती है और वह अपने रोज़मर्रा के काम ठीक से नहीं कर पाता।
इसी वजह से शरीर में ये 5 मुख्य लक्षण दिखाई देते हैं:
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया)
हमारे शरीर में पुरानी लाल रक्त कोशिकाएं (red blood cells) रोज़ टूटती हैं,
जिससे बिलीरुबिन (bilirubin) नाम का एक पीला वेस्ट प्रोडक्ट बनता है।
आम दिनों में लिवर इस पीले पदार्थ को खून से छानकर बाहर निकाल देता है।
लेकिन जब हेपेटाइटिस ए के कारण लिवर सूज जाता है,
तो वह इसे फिल्टर नहीं कर पाता। नतीजा यह होता है कि
यह पीला पदार्थ खून में मिलकर आपकी त्वचा और आंखों में दिखने लगता है।
गहरे पीले या चाय के रंग का पेशाब
जब सूजा हुआ लिवर बिलीरुबिन को बाहर नहीं निकाल पाता,
तो खून में इसकी मात्रा बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है।
ऐसे में आपका दूसरा अंग यानी किडनी (kidneys) खून को साफ करने का ज़िम्मा उठाती है।
किडनी इस अतिरिक्त पीले बिलीरुबिन को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने लगती है,
जिससे पेशाब का रंग सामान्य से बदलकर गहरा पीला या चाय जैसा हो जाता है।
हल्के मिट्टी या स्लेटी रंग का मल
आपके मल (stool) का सामान्य भूरा रंग बाइल (bile – पित्त) नाम के पाचक रस के कारण होता है,
जिसे लिवर बनाता है। हेपेटाइटिस ए के संक्रमण में जब लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है,
तो वह आंतों तक पर्याप्त मात्रा में बाइल नहीं पहुँचा पाता।
जब भोजन में यह बाइल रस नहीं मिल पाता, तो मल का रंग उड़ जाता है और वह मिट्टी या हल्के क्ले (clay) के रंग का दिखने लगता है।
अचानक बहुत तेज़ थकान और कमज़ोरी
लिवर को हमारे शरीर का ‘पावरहाउस’ या ‘बैटरी’ कहा जाता है।
यह भोजन से मिलने वाले ग्लूकोज को स्टोर करता है और ज़रूरत पड़ने पर शरीर को एनर्जी देता है।
जब वायरस लिवर पर हमला करता है, तो यह एनर्जी मैनेजमेंट पूरी तरह ठप हो जाता है।
इसके अलावा, आपका शरीर अपनी पूरी ताकत उस वायरस से लड़ने में लगा देता है,
जिससे आपको भयंकर थकान और कमज़ोरी महसूस होती है।
मतली, उल्टी और भूख न लगना
लिवर जो बाइल रस बनाता है, उसका मुख्य काम भोजन (विशेषकर फैट) को पचाना होता है।
जब लिवर बीमार होता है, तो डाइजेशन प्रोसेस पूरी तरह से धीमा और असंतुलित हो जाता है।
पेट में खाना ठीक से न पचने के कारण दिमाग को ‘खतरे का सिग्नल’ मिलता है,
जिससे आपको लगातार उल्टी आने जैसा महसूस होता है और खाने की इच्छा बिल्कुल खत्म हो जाती है।
क्या आप जानते हैं? (Did You Know?)
हेपेटाइटिस ए का वायरस आपके शरीर में प्रवेश करने के बाद 2 से 4 हफ़्तों तक चुपचाप बैठा रह सकता है (इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं)।
इस दौरान व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि वह संक्रमित है,
लेकिन वह दूसरों तक बीमारी फैला सकता है।
वयस्कों (adults) की तुलना में छोटे बच्चों में हेपेटाइटिस ए के लक्षण बहुत हल्के या न के बराबर दिखते हैं,
लेकिन वे इस वायरस के सबसे बड़े वाहक (carriers) बन सकते हैं।
बचाव के 5 सबसे ज़रूरी और प्रैक्टिकल उपाय
(5 Most Important and Practical Prevention Tips)
यदि आपके आस-पास या ज़िले में ऐसा कोई आउटब्रेक हुआ है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
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पानी को उबालकर पीएं: जब तक स्वास्थ्य विभाग पानी को सुरक्षित घोषित न कर दे, तब तक पीने के पानी को कम से कम 20 मिनट तक अच्छी तरह उबालकर ही इस्तेमाल करें। वॉटर प्यूरीफायर (RO) के पानी को भी उबालना ज़्यादा सुरक्षित है।
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हाथ धोने की आदत: खाना बनाने, खाने से पहले और टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।
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बाहर के खाने से बचें: कटे हुए फल, खुले में बिकने वाले जूस, गन्ने का रस या स्ट्रीट फूड से पूरी तरह परहेज़ करें, क्योंकि इनमें दूषित पानी के इस्तेमाल का खतरा सबसे ज़्यादा होता है।
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सब्जियों को अच्छे से धोएं: घर में इस्तेमाल होने वाली हरी सब्जियों और फलों को साफ़ पानी से अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाएं।
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वैक्सीनेशन (Vaccination): हेपेटाइटिस ए से बचने के लिए बेहद असरदार वैक्सीन उपलब्ध है। अगर आपके डॉक्टर सलाह दें, तो अपने बच्चों और खुद को यह वैक्सीन ज़रूर लगवाएं।
कैथल का स्वास्थ्य विभाग इस समय स्थिति को काबू में करने की पूरी कोशिश कर रहा है।
यदि आपको या आपके परिवार में किसी को भी पीलिया या पेट दर्द के लक्षण दिखें,
तो तुरंत नजदीकी नागरिक अस्पताल (Civil Hospital) या डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह ब्लॉग सिर्फ सामान्य जागरूकता और जानकारी के लिए है।
इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice) न माना जाए।
हेपेटाइटिस या पीलिया के लक्षण दिखने पर स्व-उपचार (Self-medication) या
नीम-हकीमों के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत क्वालिफाइड डॉक्टर से ही संपर्क करें।
References
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The Tribune India – Original News: https://www.tribuneindia.com/news/haryana/hepatitis-a-outbreak-in-kaithal-puts-haryanas-health-dept-on-alert/
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World Health Organization (WHO) – Hepatitis A Fact Sheet: https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/hepatitis-a
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National Viral Hepatitis Control Program (NVHCP), India: https://nvhcp.mohfw.gov.in/
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